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ज़रा सोचिये Jara Sochiye

बलात्कारियों के लिए कौनसी सजा उचित है या होनी चाहिए ये तो देश के बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध व्यक्ति तय…

तू, आप और आत्मीयता Tu Aap Aur Aatmiyata

किसको "आप" लगाकर संबोधित करें और किसे "तू" यह तो व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता…

वो गांधी जी रोज बिना आँख झपकाए क्या देखते रहते हैं? Gandhi Ji Short Story

मुझे जब भी थोड़ा बहुत वक़्त मिलता है,  मैं मेरे लंगडपेंच वाले दादा के पास जाना नहीं भूलता हूँ। उसकी…

मेला Mela

मैंने दादा (वही लंगडपेच वाला दादा जो कमरा बंद करके हुक्का पान करता है) से पूछा "दादा आज जोड़ी …

ये देश किसका है ? Ye Desh Kiska Hai Lekh Hindi

राजस्थान की एक कहावत है "साँठा (गन्ना) कोनी दे....डली (गुड की डली) दे दे" मतलब की मूर्ख व…

ओए वेल कम डोकरे Oye Welcome Dokare Hindi Short Story

एक बार जैसी आदत घर कर ले तो छूटती बड़ी ही मुश्किल से है। अगर सुधार कर भी लिया जाये तो कहीं ना कहीं …

वैसे तुम हो किस जात के Vaise Tum Ho Kis Jat Ke Short Story

वक़्त बदल रहा है, बहुत कुछ बदल भी गया है, फिर भी ना जाने क्यों कुछ लोगों का पुराने से मोह भंग नहीं …

रावण दहन Rawan Dahan

मेरा दादा भले ही हुक्का कमरा बंद करके पीता हो, दादा के पास इसके अपने कारण हैं, लेकिन जब कहता है तो …

गुरु Guru

सच्चा गुरु वही जो जीवन मुक्ति के मार्ग का ज्ञान दे, जीवन को जीने का सार्थक उद्देश्य दे। जरूरी नहीं …

गरीब? Gareeb

कहने को तो आप मैं, हम सभी "धार्मिक" हो सकते हैं, लेकिन क्या वास्तव में हम धार्मिक हैं ? ब…

शब्दों का चयन

अभिव्यक्ति के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण होता है, शब्दों का चयन। शब्दों का चयन यदि ठीक प्रकार से ना …

भ्रष्टाचार Bhrashtachar

विचारणीय है की जो देश कभी संस्कृति, धर्म, समाज निर्माण में सर्वोच्च रहा करता था, वो ही देश आज "…

बड़ा कठिन है स्वंय को जीतना Bada Kathin Hai Swany Ko Jitana

लड़ना मनुष्य की एक तरह की प्राकृतिक निशानी है। ये हमें हमारेपूर्वजों से मिली है। लड़ाई के तमाम विषय…

चाय Chay

इन  सफेदपोशों ने लगता है अब "चाय" के खिलाफ भी मोर्चा खोल लिया है, कहते हैं की चाय पीने से…

श्रदेय बाबा राम देव Shradhey Baba Ramdev Hindi Bio

श्रदेय बाबा राम देव बाबा रामदेव जिनको "योग गुरु" के नाम ज्यादा जाना जाता है, ने भारत के प्…

तीर्थ Teerth

जब ईश्वर इस जगत के कण कण में व्याप्त है, तो एक प्रश्न उठता है की तीर्थ करने का फिर औचित्य  क्या है …

ये जीवन क्यो है? Ye Jivan Kyo Hai

ये जीवन क्यों है? क्यों हम सब जीए जा रहे है, वैसे ही जैसे कोई आँख पर पट्टी बांधकर किसी दुर्घटना की …

जरा सोचिये Jara Sochiye

टूटता समाज पहले शहरों तक ही सीमित था, लेकिन अब गाँव भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। गाँव के बड़े बुजुर्…